जिला नारायणपुर में बड़े कैडर के नक्सली को समपर्ण करता देखकर उत्तर बस्तर एवं माड़ डिवीजन के कुल 40 लाख ईनामी 11 सक्रिय माओवादियों ने नक्सल क्रुर विचारधारा से तंग आकर किया आत्मसमर्पण।
नारायणपुर पुलिस, आईटीबीपी एवं बीएसएफ के प्रयासों के फलस्वरुप माओवादी आत्मसमर्पित होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर स्वच्छंद रूप से चाहते है सामान्य जीवन जीना । नियद नेल्लानार योजना के वृहत प्रचार-प्रसार एवं अबूझमाड़ के अंदरुनी क्षेत्रों में लगातार स्थापित किए जा रहे जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार का भी बड़ा कारण रहा।
माओवादियों के आत्मसमर्पण के पीछे माड़ और नारायणपुर जिले में चलाये जा रहे समग्र विकास कार्य के साथ सुरक्षा बलों द्वारा स्थानीय लोगों के दिलों में जगाया गया विश्वास बड़ा कारण रहा।
माड़ के अन्दरूणी क्षेत्र में तेजी हो रही विकास कार्याें एवं विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें किया प्रभावित।
नारायणपुर क्षेत्र में चलाये जा रहे ‘‘माड़ बचाओ अभियान’’ एवं सुरक्षा बलों के सघन प्रयासों से आत्मसमर्पित माओवादियों में 04 पुरूष समेत 07 महिला है शामिल।
इस प्रकार से लगातार माओवादियों के हो रहे आत्मसमर्पण से क्षेत्र में नक्सल मुक्त माड़ की सपना हो रहा है सकार व नक्सलियों के लिए बड़ा झटका।
वर्ष 2024-2025 में अब तक कुल 92 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण।
आत्मसमर्पण करने पर सभी माओवादियों को प्रोत्साहन राशि 25 हजार का चेक प्रदाय किया गया एवं उन्हें नक्सल उन्मुलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा।
श्री सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री अमित तुकाराम काम्बले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर के मार्गदर्शन, श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री नरेन्द्र सिंह सेनानी 41वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री दुष्यंत राज जयसवाल सेनानी 29वीं वाहिनी आईईटीबी, श्री राजीव गुप्ता 45वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री अमित भाटी 53वीं वाहिनी आईईटीपी, श्री नवल किशोर 135वीं वाहिनी बीएसएफ, श्री व्ही. के. गिरी 133वीं वाहिनी बीएसएफ एवं अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), श्री सुशील कुमार नायक, श्री ऐश्वर्य चन्द्राकर के मार्गदर्शन में नारायणपुर पुलिस द्वारा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसटीएफ की संयुक्त बल साथ माओवादियों के विरूद्ध क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान चलाये जा रहे है। नक्सल उन्मुलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर आज *दिनांक 07.03.2025 को श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री मो0 ओबैदुल्लाह खान सेकेण्ड इन कमान 41वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री संजीव कुमार द्वितीय कमान अधिकारी 135वी वाहिनी बी एस एफ, अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), श्री सुशील कुमार नायक, श्री ऐश्वर्य चन्द्रकार, श्री जितेन्द्र कुमार खंतवाल उप सेनानी 41वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री अनिल चव्हाण सहायक सेनानी 41वीं वाहिनी आईटीबीपी, उप पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत देवांगन, श्री आशीष नेताम, श्री कुलदीप बंजारे, श्री अविनाश कवंर, सुश्री अमृता पैकरा, नारायणपुर के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किये।* आत्मसमर्पण करने पर सभी को प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया एवं उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा। इस अवसर पर जिला पुलिस बल, आईटीबीपी एवं बीएसएफ के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
आत्मसमर्पित के नाम/पद
1. सन्नू उर्फ मंगेश उपेण्डी पिता स्व. रामलाल उपेण्डी उम्र 38 वर्ष निवासी मलमेटा पंचायत एड़ानार तहसील अन्तागढ़ थाना ताड़ोकी जिला कांकेर (छ.ग.) पद- सीवॉयपीसी कम्पनी नम्बर 06, डीव्हीसीएम कमाण्डर, ईनामी-8 लाख।
2. सन्तु उर्फ बदरू वड़दा पिता उम्र 35 वर्ष निवासी भटनार पंचायत कुतुल थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- डीव्हीसीएम कुतुल एरिया कमेटी , ईनामी-8 लाख।
3. जनिला उर्फ जलको कोर्राम पिता लैखन कोर्राम उम्र 36 वर्ष निवासी कौशलनार थाना झाराघाटी जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीपीसीएम माड़ डिवीजन कम्पनी 1 सेक्सन ‘‘बी’’ कमाण्डर, ईनामी-5 लाख।
4. सुक्की मण्डावी पति सोमारू कोवाची पिता पाण्डू उम्र 25 वर्ष निवासी आरा थाना कुुआकोण्डा जिला दन्तेवाड़ा (छ0ग0) पद- पीएम कम्पनी नम्बर 6, ईनामी-3 लाख।
5. शांति कोवाची पिता मंगड़ू कोवाची उम्र 20 वर्ष निवासी बेड़मामेटा थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- माड़ डिव्ीजन स्टॉप टीम सदस्य, ईनामी-3 लाख।
6. मासे उर्फ क्रांति वड़दा पिता सम्पत उम्र 20 वर्ष निवासी आलबेड़ा पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- ब्यूरो सप्लाई टीम सदस्य, ईनामी-3 लाख।
7. सरिता उसेण्डी पिता लखमा उम्र 19 वर्ष निवासी कोडलियार मिंिचगपारा पंचायत कुतुल थाना कुकड़ाझोर जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीएम ईनामी -3 लाख।
8. मंगती पिता स्व. कोसा उम्र 25 वर्ष निवासी कोडलियार थाना कोहाकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- पीएम कुतुल एरिया कमेटी सीएनएम अध्यक्ष, ईनामी-2 लाख।
9. देवा राम उर्फ कारू वड़दा पिता मंगतु वड़दा उम्र 21 वर्ष निवासी आलबेड़ा सरगीपारा पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- कुतुल एलओएस सदस्य। जनमिलिशिया कमाण्डर गोमांगल, ईनामी-2 लाख।
10. रतन उर्फ मुकेश पुनेम पिता माहरू पुनेम उम्र 21 वर्ष निवासी कावड़ पंचायत पुषनार जिला बीजापुर (छ0ग0) पद- जोन डॉक्टर टीम इंचार्ज , ईनामी-2 लाख।
11. कला उर्फ सुखमती उर्फ कोटली पिता लखमा ध्रुर्वा उर्फ कोडंगें उम्र 20 वर्ष निवासी आसनार पंचायत मंडाली थाना ओरछा जिला नारायणपुर (छ0ग0) पद- नेलनार एनओएस सदस्य, ईनामी-1 लाख। छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति नियद नेल्लानार के वृहत प्रचार-प्रसार एवं बड़े कैडर के माओवादियों के आत्ससमर्पण पश्चात सरकार द्वारा उनको दी जा रही विभिन्न सुविधाओं से पुनर्वास की प्रक्रिया की सरलता से प्रभावित होकर ये सभी माओवादी आत्मसमर्पण किये है।
माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे माड़ और नारायणपुर जिले में चलाये जा रहे विकास कार्य बड़ा कारण रहा तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुँचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। संगठन के विचारों से मोहभंग एवं मिली निराशा, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद इनके आत्मसमर्पण का बहुत बड़ा कारण है।
छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति ने उन्हें नई उम्मीद दी है। संगठन के भीतर शोषण तथा क्रूर व्यवहार से बाहर निकलकर समाज के मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन बिता सकते हैं। सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने एवं क्षेत्र में चलाये जा रहे आक्रामक अभियानों एवं मारे जाने से उत्पन्न भय ने भी इन्हें संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पित माओवादी क्षेत्रान्तर्गत सक्रिय रूप से कार्यरत रहे है। आने वाले समय में और भी नक्सलियों के संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने की गोपनीय आसूचना है। आत्मसमर्पण कराने में नाराणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी का विशेष योगदान है। इस प्रकार नक्सलियों का हो रहे आत्मसर्पण से शीर्ष माओवादी कैडर के लिए बड़ा नुकसान हुआ है। नक्सल मुक्त माड़ बचाव अभियान की कल्पना साकार रूप ले रहा है।
एसपी नारायणपुर श्री प्रभात कुमार (भा.पु.से.) ने बताया कि* सरकार की पुनर्वास नीति के फायदे, घर, नौकरी ने इन्हें आकर्षित किया है। इन्होने आत्मसमर्पण माड़ एवं खुद की भलाई के लिए सोचा है, और ‘‘माड़ बचाओ अभियान” ने उन्हें अब एक नई आस दी है। माओवादी की विचारधारा में भटके नक्सलियों को उनके घर वाले भी वापस लाना चाहते है। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलने का समय आ गया है। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर