कार्यवाही Special Story निरीक्षण

नारायणपुर अगर आप भी इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप से डीज़ल भरवाते है तो हो जाइए सावधान…….इण्डियन ऑयल पेट्रोल पंप निर्मल फिलिंग स्टेशन के डीजल नोज़ल में हुई है छेड़छाड़, कंपनी के अधिकारी ने तत्काल नोज़ल को बंद करने का दिया आदेश

नारायणपुर : इंडियन ऑयल कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर द्वारा नारायणपुर इंडियन आयल पंप में डीज़ल की मानक मात्रा कम होने का किया गया पुष्टि

नारायणपुर जिले के इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप का मीटर चालू डीज़ल हो रहा गुल

इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप संचालक द्वारा ग्राहको से डीजल के नाम पर किया लाखों का घोटाला

न्यूज़ बस्तर की आवाज़ @ जिला नारायणपुर में कुछ माह से लगातार शहर के मुख्य मार्ग में सखी सेंटर के बाजू में स्थित निर्मल फिलिंग स्टेशन, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप की गुणवत्ता एवं मानक मात्रा कम की शिकायत प्राप्त हो रही थी, इस मामले को जब एंटी करप्शन फाउंडेशन जिलाध्यक्ष द्वारा संज्ञान में लेकर अपनी टीम के सहयोग से स्टिंग ऑपरेशन किया गया तो इंसमे कई अहम तथ्यों का खुलासा हुआ और यह बात पूरी तरह से साबित हो गया कि जो भी शिकायत पाई गई है वही पूरी तरह से सत्य है।

एंटी करप्शन फाउंडेशन एवं प्रेस की संयुक्त टीम विगत एक माह से लगातार पेट्रोल पंप पर नज़र रखी थी, जिससे कि पूरी तरह से पता चल सके कि वास्तव में पेट्रोल पंप में जो गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हुई है उसकी वास्तविकता क्या है ?

लगातार नज़र रखते हुए आखिर वो दिन आ ही गया जब इंडियन ऑयल कंपनी के एक अधिकारी जब पेट्रोल पंप की निरीक्षण करने आये जिस दौरान उन्होंने निर्मल फिलिंग स्टेशन में चालू सभी नोज़ल को चेक किया जिस दौरान 1-2 डीज़ल के नोज़ल में मानक मात्रा में गड़बड़ी भी पाई गई जिसमे अनुमानित प्रति लीटर 6-8 मी.ली. डीजल की मात्रा कम जा रही थी एवं डीजल की पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी डेनसिटी तय मानक 820-860 मीटर से कम मात्र 700 मीटर पाई गई, किंतु उक्त अधिकारी को बिल्कुल भी भनक नही लग पाया कि वह एंटी करप्शन फाउंडेशन जिला अध्यक्ष के सामने ही पूरी गड़बड़ी का उजागर किया गया है चेकिंग के दौरान वह उक्त स्थल में मौजूद थे, इस दौरान एंटी करप्शन फाउंडेशन एवं प्रेस की संयुक्त टीम जगदलपुर से आये जांच अधिकारी के रिपोर्ट बनाने का इंतजार कर रहे थे, लगभग यह सिलसिला 2-3 घंटे तक चला, जब जाँच अधिकारी अपनी रिपोर्ट पूरी कर वापस जगदलपुर निकलने लगे तो एंटी करप्शन फाउंडेशन एवं प्रेस की टीम उक्त अधिकारी से जांच के संबंध में पूछताछ किया गया, जिसमे उक्त जाँच अधिकारी द्वारा मामले में लीपापोती करते हुए कोई भी गड़बड़ी नही है कहने लग गए।

निर्मल फिलिंग स्टेशन पंप,नारायणपुर के डीजल नोज़ल में हुई है गड़बड़ी, अधिकारी ने तत्काल नोज़ल को बंद करने का दिया आदेश..

जब एंटी करप्शन फाउंडेशन जिलाध्यक्ष द्वारा जानकारी दी गयी कि आपके द्वारा किये गए जांच प्रक्रिया के दौरान मैं वहाँ मौजूद था एवं पूरे जांच का मेरे द्वारा वीडियो भी बनाया गया है, जिसके बाद जाँच अधिकारी के सुर अचानक बदलते हुए नज़र आये, और उनके द्वारा फिर से मीडिया के सामने मापने का आदेश दिया गया, जिसके बाद उनके द्वारा भी पुष्टि की गई निर्मल फिलिंग स्टेशन में मौजूद 7 नोज़ल में से 1 डीज़ल के नोज़ल में गड़बड़ी है जिसे तत्काल सील किया जा रहा है। एवं कंपनी में जानकारी दिए जाने के बाद इसे सुधार कर चालू किया जावेगा।

एक नज़र इधर भी……..मीटर चालू डीज़ल गुल..

इस प्रकार से पेट्रोल पंप मालिक द्वारा अगर जानबूझकर डीजल नोज़ल से छेड़खानी या तकनीकी गड़बड़ी हुआ है तो, अब तक उनके द्वारा लाखो रुपये का नारायणपुर के ग्राहको से ठगी किया गया है, वो कैसे पूरा समझे “मीटर चालू डीजल हो गया गुल”, अगर पेट्रोल पंप मालिक द्वारा प्रतिदिन अनुमानित उस नोज़ल से 2000 लीटर डीज़ल बेचा जाता है तो रोज का 12 लीटर डीज़ल का बचत हो रहा है जिसकी कीमत 1200- 1300/- रुपये प्रतिदिन और इस प्रकार से 36000 – 40000/- प्रतिमाह का मुनाफा कमाया जा रहा है, एवं पेट्रोल पंप जिले में खुले लगभग 10 माह हो गए है जिसमे इस प्रकार से ग्राहको से धोखाधड़ी करते हुए 4-5 लाख रुपये का झोलझाल 1 नोज़ल से किया गया इस प्रकार पंप में कुल डीजल पेट्रोल के 7 नोज़ल है।

जब पेट्रोल पंप के संचालक से संबंधित मामले में जानकारी लिया गया तो वो भी मामले से अंजान एवं कुछ भी जवाब देने से बचते नज़र आये….

आपको बता दे कि पेट्रोल पंप के संचालक जिला कोंडागांव से है जो कि सप्ताह में 1-2 दिन ही पेट्रोल पंप पहुँचते है जिनसे उक्त मामले की जानकारी लेने के लिए मीडिया की टीम को काफी इंतज़ार भी करना पड़ा, जब संचालक से एंटी करप्शन फाउंडेशन जिलाध्यक्ष एवं मीडिया की टीम मिले तो वो इन सभी आरोपो को गलत कहाँ गया, जब हमने पूरे गड़बड़ी से संबंधित प्रमाण एवं जाँच अधिकारी द्वारा भी उक्त गड़बड़ी की पुष्टि के बारे बताया तो वो भी कहने लगे मैं इससे अंजान हूँ, और इंडियन ऑयल कंपनी द्वारा पेट्रोल पंप खुलने के पश्चात आज पहली बार पंप का निरीक्षण किया गया जिसमें जो भी गड़बड़ी सामने आई होगी जिसे इंडियन ऑयल कंपनी को अवगत करा जल्द ही सुधार कर लिया जावेगा।

पेट्रोल सही है या उसमें मिलावट है ऐसे करें चेक

इसको जानने के लिए आपको समझना होगा कि अगर पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 800 के बीच हौ तो वो पेट्रोल बढ़िया होता है. वहीं अगर ये डेंसिटी 730 से कम और 800 से ज्यादा है तो संभवाना है कि इसमें मिलावट की गई है. डीजल की डेंसिटी 830 से 900 के बीच होती है तब वो डीजल आपके लिए सही होता है.

लगता है कि जिले के कुछ अधिकारी के संरक्षण से यह खेल खेला जा रहा है….

जब इस पूरे घटना से संबंधित जिला खाद्य अधिकारी से जानकारी लेने की कोशिश किया गया मीडिया की टीम के द्वारा तो उन्होंने पहले तो साफ़ मना कर दिया कि पेट्रोल पंप मेरे दायरे में नहीं आता है इनके नोडल अधिकारी जिले के कोई और विभाग से हैं जब इस संबंध में पूछा गया कि उनकी जानकारी दीजिए तो उन्होंने फोन काट दिया। जब मीडिया की टीम उनके कार्यालय में मिलने पहुंची तो वह मीडिया की टीम से मिलने मना कर दिये,और लागातार चुनाव की व्यस्तता एवं अन्य कार्यो का बहाना करते मामले को टालते दिखे,इसके पश्चात जब उक्त अधिकारी से फोन पर पुनः संपर्क करने की कोशिश किया गया इस संबंध में आपको जानकारी नहीं दे सकता अगर आप लिखित में शिकायत करेंगे तब मामले की जांच कर उचित कार्यवाही किया जाएगा।

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