अव्यवस्था कार्यवाही विभागीय भ्रष्टाचार

नारायणपुर: यूपी से आए खनिज/RTO Agent नारायणपुर खनिज परिवहन में लगे भोले भाले वाहन मालिको को बना रहे है अपना शिकार, एक अपने को RTO तो दूसरा अपने को खनिज का फर्जी अधिकारी बताकर कर रहे है ट्रक मालिको से अवैध वसूली

यूपी से आए खनिज/RTO Agent नारायणपुर खनिज परिवहन में लगे भोले भाले वाहन मालिको को बना रहे है अपना शिकार,

माइनिंग ID का पासवर्ड नहीं देकर कर रहे है अनावश्यक परेशान,

माइनिंग सर्टिफिकेट बनाने का दोगुना चार्ज वसूल रहे है,

एक अपने को RTO तो दूसरा अपने को खनिज का अधिकारी बता कर कर रहे है अवैध वसूली,

समय पर माइनिंग सर्टिफिकेट नहीं बनने पर वाहन मालिको को प्रतिदिन हो रहा है हजारों का नुकसान, विभाग के अधिकारी है अंजान या है मिलीभगत ?

जिले में यूपी के तर्ज पर 2 भाई फर्जी RTO अधिकारी बनकर कर रहे है अधिकारियों के लिए वसूली, ट्रक मालिक हो रहे है परेशान – जल्द होगा खुलासा


न्यूज बस्तर की आवाज़/नारायणपुर जिले में वर्तमान में दो माइंस संचालित है आमदाई माइंस,छोटेडोंगर एवं अंजरेल माइंस,जिले में माइंस खुलने के बाद से लगातार बाहरी लोगों का जिले में आना भी लगातार बढ़ रहा है, कोई रोजगार के लिए जिले में आकर बस रहे है तो कोई व्यापार करने के उद्देश्य से तो कोई यहां के भोले भाले स्थानीय लोगों को ठगने या दलाली के लिए भी आ रहे है ऐसे में जिले के भोले भाले लोग जो माइंस में अपना जमा पूंजी लगाकर परिवहन कार्य हेतु वाहन ट्रक या टिप्पर लगाए है उन पर भी बाहरी दलालों की नजर पड़ी हुई है जिसमें स्थानीय कुछ लोग दलाल बनकर उनका साथ भी दे रहे है और बदले में मोटी कमीशन भी ले रहे है।

ऐसे ही कुछ मामला जिले में लगातार देखने को मिल रहा है नारायणपुर लौह अयस्क या खनिज परिवहन कार्य शुरू होने के बाद से ही जिले में परिवहन कार्य में लगे सभी वाहनों को हमेशा से कुछ न कुछ परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है कभी सड़क को लेकर तो कभी स्थानीय ग्रामीणों के चक्काबंद जैसे समस्याओं तो कभी ट्रांसपोर्टर एवं माइंस कंपनी की मनमानी को लेकर अब एक नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है जैसे कि ट्रक मालिको को अपना परिवहन कार्य करने के लिए छ. ग. शासन के खनिज विभाग और यातायात नियमों का पालन करते हुए परिवहन कार्य करना होता है जिसके लिए बहुत सारे दस्तावेज पूर्ण कर परिवहन कार्य किया जाता है।

वाहन मालिक को जिले में किसी भी खनिज का परिवहन कार्य हेतु छ.ग. शासन के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपना वाहन राज्य सरकार के खनिज विभाग के अधिकारिक पोर्टल में cgekhanij.gov.in में रजिस्टर्ड करना होता है जिसकी वैधता 1 साल की होती है,जिसे 1 साल बाद पुनः रिन्युवल करना होता है, जिसमें रजिस्टर्ड होने से उक्त वाहन का परिवहन कार्य दौरान ETP काटा जाता है जिसके बाद ही वैध रूप से परिवहन कार्य किया जाता है जिसका रिकॉर्ड खनिज विभाग द्वारा ऑनलाइन संधारित आसानी से किया जाता है कि कौन सा वाहन दिन में और महीने में कुल कितना ट्रिप कहा से कहा और किस समय एवं अन्य सभी परिवहन कार्य कर रहा है, जिसको वाहन मालिक ऑनलाइन खनिज विभाग के पोर्टल में जाकर स्वयं अपना USER ID & Password डालकर भी चेक कर सकते है, और अपने वाहन की परिवहन संबंधित सभी जानकारी चेक कर सकते है, किंतु जिले में कुछ यूपी बिहार से आए लोग जिसमें से एक मनदीप मिश्रा अपने आपको खनिज विभाग का एजेंट या अधिकारी बताकर स्थानीय लोगों के भोलेपन का फायदा उठाकर अपने स्वार्थ के लिए वाहन मालिको का लौह अयस्क परिवहन कार्य में लगे वाहनों का खनिज विभाग के पोर्टल में पंजीयन तो कर दिया जाता है और उनका पूरा DATA अपने पास सुरक्षित रख लिया जाता है और कई वाहन मालिक के अज्ञानता का फायदा उठाते हुए खनिज में पंजीयन के दौरान जानबूझकर गलत मोबाइल नंबर या 9 अंक का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाता है उसी प्रकार मेल ID में भी गलत e-mail ID केवल नाम लिखकर गलत mail id डालकर पंजीयन कर दिया जाता है और ये दलाल अपने आप को सर्वज्ञानी बताते हुए वाहन मालिक को यह बताकर id password भी शेयर नहीं करते कि ये आपके काम की नहीं है ये केवल खनिज विभाग की जानकारी जिसकी आपको जरूरत नहीं पड़ेगी कभी और कभी कोई भी वाहन का खनिज या RTO संबंधित कोई भी कार्य करना हो तो शासकीय विभाग का चक्कर काटकर परेशान होने की जरूरत नहीं है हमसे संपर्क कीजिए हम आपका सभी कार्य करा देंगे, हमारा यही काम है इसलिए हमको जिला नारायणपुर में पोस्टिंग दी गई है, जिले में 500- 600 ट्रक लौह अयस्क में परिवहन कार्य में लगे हुए है अधिकतर सभी वाहनों का खनिज पंजीयन का कार्य किसी भी स्थानीय लोक सेवा केंद्रों में ना कराकर इन दलालों के द्वारा एवं कुछ इनके बड़े बड़े आकाओं के द्वारा किया गया है और जानबूझकर जिनका पूरा डेटा अपने पास संग्रहित कर रखे है और अगर कोई भी ट्रक मालिक इनसे खनिज एवं अन्य RTO कार्य इनसे नहीं कराकर किसी स्थानीय लोक सेवा केंद्र करना चाहता है जहां खनिज का दस्तावेज 600- 700 में कर दिया जाता है तो उक्त ट्रक मालिक को परेशान करने के लिए न तो उनको खनिज पंजीयन का ना ID दिया जाता है और न पासवर्ड दिया जाता है सामने वाले वाहन मालिक की मजबूरी हो जाती है कि अब करे तो क्या करे न ही उसके पास user id है न ही उसके पास password और दलालों ने जानबूझकर मोबाइल नंबर और ईमेल id भी गलत डाल दिया ऐसे में न पासवर्ड बदल सकते है और न कोई दूसरा उपाय इस बात का पूरा फायदा इन दलालों द्वारा उक्त कार्य के लिए 1000- 1200 रुपए दोगुना राशि वसूल कर हिसाब बराबर कर बाद में परेशान करने के बाद कर दिया जाता है और साथ में हिदायत भी दी जाती है अन्य लोक सेवा केंद्रों में कार्य करने से हम तो आपका काम नहीं करेंगे और आपको भी समस्या होगी l

ऐसे दलालों को स्थानीय विभाग के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल जाता है जिनके साथ मिलकर स्थानीय लोगों के भोलेपन का फायदा उठाते हुए वाहन मालिक को सीधे शासकीय दफ्तर में न भेजकर मोटी कमीशन लेकर प्रति वर्ष वाहन का दस्तावेज एवं अन्य पंजीयन करने के नाम से 7000- 10000 की राशि अतिरिक्त वसूल कर लेते है जिसमें इनका सालाना आय 40- 50 लाख का हो जाता है और विभाग के अधिकारी को इस कार्य में कितना कमीशन देना है यह तो यह दलाल मिलकर ही तय करते है, क्योंकि इन दलालों की वजह से विभाग को मोटी कमीशन राजस्व के तौर पर आय हो रही है जिसका विभाग के अधिकारियों को कोई हिसाब भी देना नहीं होता है अगर यही दस्तावेज जिले के स्थानीय ट्रक मालिक जागरूक नागरिक बनकर स्वयं स्थानीय लोक सेवा केंद्र एवं शासकीय दफ्तर में जाकर बनाते है तो 2000- 3000 में बन तो जाता है साथ ही स्थानीय लोक सेवा केंद्रों परिवहन कार्य से कुछ आय भी होगा, लेकिन इन दलालों ने सभी ट्रक मालिको को ऐसे मजबूर कर अपना शिकार एवं हितैषी बना दिए है कि इनके अलावा कोई भी स्थानीय लोक सेवा केंद्र के ऑपरेटर परिवहन कार्य के ट्रकों के दस्तावेज कार्य न कर पाए और पूरा आर्थिक लाभ वो स्वयं कमाए,साथ ही कोई ट्रक मालिक सीधा कार्यालय में जाकर कोई दस्तावेज बनाता है तो विभाग में बैठे इन दलालों के आकाओं द्वारा दस्तावेज के नाम पर इस हद तक परेशान कर दिया जाता है कि इनको मजबूर होकर एजेंट के पास जाना पड़ता है जिसकी कीमत मनदीप मिश्रा जैसे अन्य राज्य से आए खनिज /RTO दलाल मोटा कमीशन लेकर उक्त कार्य को आसानी से कर देते है और पूरा आय स्वयं करते है न किसी स्थानीय को रोजगार देते है ऐसे लोग परिवहन कार्य में लगे ट्रकों और वाहन मालिको के भोलेपन का फायदा और उनसे सालाना मोटी राशि वसूल कर अपना साम्राज्य तो बना लेंगे कुछ वर्षों में लेकिन जिले में माइंस खुलने से स्थानीय लोक सेवा केंद्रों में कोई भी आय नहीं हो पा रहा है और ऐसे दलालों के वजह से लोक सेवा केंद्रों को सालाना प्रति ट्रक मालिको से 6- 7 दस्तावेज रिनुअल करने से जहां प्रति दस्तावेज 100/- की दर (विभागीय शुल्क अतिरिक्त) से 600- 700 रुपए का एवं सालाना 4- 5 लाख का आय होता जिस पर भी मनदीप मिश्रा जैसे दलाल ने उनका हक छीन लिया है और दोगुना तिगुना राशि कुल सालाना 10- 15 लाख रुपए 500- 600 ट्रक मालिको से वसूल कर सालाना दस्तावेज पूर्ण कर दे रहे है, ऐसे में जिले में माइंस खुलने से स्थानीय को तो किसी प्रकार का स्वरोजगार एवं आय तो प्राप्त नहीं हो रहा, किंतु मनदीप मिश्रा जैसे दलालों की कमाई तेजी से बढ़ जरूर रही, जिसके कारण ही जिले में बाहरी लोगों का आना भी लगातार बढ़ रहा है और स्थानीय लोग का आय में किसी प्रकार का वृद्धि तो नहीं हो रहा किंतु ऐसे दलाली कर बाहर से आने वाले स्थानीय ट्रक मालिको की मदद से उनकी आय में जरूर वृद्धि हो रही है ।

जब इस संबंध में नारायणपुर जिले के खनिज विभाग के अधिकारी से जानकारी ली गई कि माइनिंग सर्टिफिकेट रिनुअल करने के दौरान इस प्रकार से बहुत सारे ट्रक मालिको को समस्या हो रही है आपके विभाग के पास क्या समाधान है ?

जिला खनिज अधिकारी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि अभी तो हमारे पास कोई भी इस प्रकार के समाधान के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति नहीं की गई है लेकिन जल्द ही इस प्रकार से ट्रक मालिको को हो रही समस्या का समाधान के लिए कुछ कोशिश किया जाएगा और चाहे वो सीधे खनिज कार्यालय में आकर आवेदन देकर आवश्यक कार्यवाही करवा सकते है विभाग से पूरा सहयोग किया जाएगा।

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