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लंपि वायरस से मची तबाही,हल्के मे ले रहा प्रशासन

न्यूज़ बस्तर की आवाज़@जगदलपुर: बस्तर जिले मे फैले लंपि प्रकोप पर नियंत्रण करने व कोरेन्टाईन सेंटर मे अव्यवस्था को लेकर बजरंगदल ने नव पद स्थापित कलेक्टर के संज्ञान मे लाने पुनः ज्ञापन दिया गया । ज्ञापन मे विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता विगत 5 महीनों से लम्पी वायरस से पीड़ित गौवंशो को पशु विभाग के द्वारा निर्मित क्वारंटीन सेंटर परपा में रेस्क्यू कर भिजवा रहें हैं,जिसमें समाजसेवी संस्था एनजीओ हैप्पी कामधेनु गौशाला के द्वारा निःशुल्क गौ एंबुलेंस कि अहम भूमिका है।

(१) क्वारंटीन सेंटर परपा में पौष्टिक आहार,हरा चारा,वैक्सीनेशन,दुरुस्त किया जाए, क्युकी बीमार पशु तभी स्वस्थ होगा जब उसे पौष्टिक आहार मिले जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढे । अब तक केवल सुखा पैरा ही दिया जा रहा है ।

(२) शासकीय एंबुलेंस मे अति शीघ्र सुधार कर संचालन किया जाए।

(३) अन्य राज्यों से गौवंशो के आवगमन को पूर्णतः बंद करने टास्क फोर्स का निर्माण करे ।

(४) वायरस को रोकने टीकाकरण करने तथा सड़को पर या अन्य क्षेत्रों पर आवारा घूम रहे गौ वंशों का भी टीकाकरण अभियान चलाया जाए ।

(५)यदि इस वायरस को खत्म करने गंभीरता से ना लिया गया तो परिणामस्वरूप पशुपालक गौ पालन बंद कर देंगे जिससे कहीं ना कहीं सरकार की पशुपालन बढ़ाने को लेकर योजनाएं विफल व दुग्ध उत्पादों मे कमी आयेगी और बाजारो मे नकली उत्पाद स्थान बना लेगा। परपा कांजी हाउस मे बीमार पशु हेतु छत का अभाव है, बीमार होते हुए तेज धूप,बारिश,का दंश झेल रहे और खाने को केवल सूखा पैरा,दूषित जल दिया जा रहा है, ऐसे मे वायरस से जूझ रही गौ वंश कैसे स्वस्थ होगी । प्रशासन ने अब तक कोई हेल्प लाइन नंबर तक जारी नहीं किया है, जिससे जनता संपर्क कर सके ।

अब तक व्यवस्था मे कोई सुधार नहीं,नवीन पद स्थापित कलेक्टर के संज्ञान मे लाने पुनः दिया ज्ञापन:रोहन कुमार

लंपि वायरस के लक्षण
1.लगातार बुखार रहना
2.वजन कम होना
3.लार निकलना
4.आंख और नाक का बहना
5.दूध का कम होना
6.शरीर पर अलग-अलग तरह के नोड्यूल दिखाई देना
7.शरीर पर चकत्ता जैसी गांठें बन जाना

लंपि रोकने कुछ आवश्यक उपाय

1.अगर किसी गाय को यह वायरस हो जाता हैं तो उस गाय को बाकी गायों से अलग करदे ताकि बाकी पशुओं में यह फैल न सकें।

2.यह बीमारी मक्खी, मच्छर, व ततैया, से भी फैल रही हैं इसलिए अपने पशुओं के रहने की जगह को साफ़ रखे ताकि उनके आसपास यह चीजें न आ सकें।

3.जिस पात्र में पशु खाना खाते हैं या पानी पीते हैं उन चीजों को पूर्ण रूप से साफ़ रखे।अपने पशुओं के केवल साफ़ चारा ही खिलाये।

4.संक्रमित पशु के खाने व पीने के बर्तन को बाकी पशु से अलग रखें।

5.अगर आपके आसपास कोई संक्रमित क्षेत्र हैं तो उस क्षेत्र से पशु को आना जाना बंद करें।

6.संक्रमित पशु के आस पास कीटाणु मरने वाले केमिकल का छिड़काव करें।

ज्ञापन देने बजरंगदल जिला संयोजक घनश्याम नाग,जिला गौ रक्षा प्रमुख मुन्ना बजरंगी,नगर सह संयोजक भवानी चौहान,नगर साप्ताहिक मिलन प्रमुख योगेश रैली अन्य बजरंगी उपस्थित थे ।

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