Social news

ग्राम पंचायत कच्चापाल के आश्रित ग्राम इरकभट्टी यह जनजाति बहुल्य ग्राम जिला मुख्यालय से लगभग 25 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। ग्राम के वर्तमान जनसंख्या लगभग 225 है।

इरकभट्टी के ग्रामीणों को अब मिल रहा स्वच्छ पानी

ग्रामवासियों ने शासन का जताया आभार

नारायणपुर, 19 मार्च 2025 ग्राम पंचायत कच्चापाल के आश्रित ग्राम इरकभट्टी यह जनजाति बहुल्य ग्राम जिला मुख्यालय से लगभग 25 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। ग्राम के वर्तमान जनसंख्या लगभग 225 है। ग्राम में कुल 55 परिवार निवासरत है। कुछ सालों तक यह ग्राम अत्यंत पिछड़ा होने के कारण ग्राम में मुलभूत सुविधाओं का अभाव रहा है. जहां वर्तमान में शिक्षा हेतु एक प्राथमिक शाला व एक आंगनबाडी केन्द्र संचालित है। पूर्व में ग्रामवासी पेयजल हेतु ग्राम में स्थापित 05 नग हैण्डपम्प स्थापित था, परन्तु ग्रीष्मकाल के दिनों में अधिकतर हेण्डपम्प का जल स्तर निचे गिर जाने की वजह से पेय जल की समस्या उत्पन होती थी, जिसके कारण ग्राम की महिलाएं पेयजल हेतु घरों से बाहर निकल कर हैण्डपम्प से पानी संग्रहित करते थे।

पेय जल समस्या निदान हेतु जल जीवन मिशन के तहत कार्य की शुरूवातः-

भारत शासन के महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के कारण वर्ष 2022 में ग्राम इरकभट्टी हेतु एकल नल-जल प्रदाय योजना की स्वीकृति (लागत रू. 108.66 लाख) प्राप्त हुई तथा वर्ष 2022 में ही योजना का कार्य प्रारंभ हुआ। योजना अंतर्गत ग्राम के सभी 55 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ा गया, तथा इसके लिए ग्राम में स्थापित 03 नलकूपों पर सोलर पावर पम्प एवं 10-10 KL टंकी स्थापना करते हुए 24 घण्टे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किया गया।

हर घर जल उत्सव इस प्रकार वर्ष 2024 में योजना के क्रियान्वयन पश्चात ग्राम इरकभट्टी में ग्राम सभा का आयोजन कर जन समुदाय की उपस्थित मे “हर घर नल हर घर जल” को संचालन, संधारण एवं सतत कार्यशील बनाये रखनें की जिम्मेदारी ग्राम इरकभट्टी को हर घर जल घोषित कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सरपंच श्री मंगडू राम नुरेटी ने ग्राम के लोगों को संबोधन करते हुए कहा कि नल जल प्रदाय योजना से गांव में टंकी एवं टेप कनेक्शन से गांव में पेय जल की समस्या से निजात मिला है. पहले लोगों को पेय जल लाने में जो समय लगता था वो अब बचत होगी व घर बैठे पेय जल प्राप्त से घर के अन्य काम भी कर सकतें हैं। जल जीवन मिशन के कारण ग्राम इरकभट्टी विकास की ओर एक पायदान आगे बढ़ते हुए पेयजल के क्षेत्र में आत्म निर्भर हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *