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जिले में छोटे-बड़े झाड़ मद की जमीनों में भी हुई है,अवैध प्लॉटिंग

न्यूज़ बस्तर की आवाज़@नारायणपुर – पिछले कुछ वर्षों में जिले के भू-माफियाओं ने राजस्व अमले से सांठगांठ कर बहुत सी जमीनों में अवैध प्लाटिंग का खेल खेला है। कॉलोनाइजर एक्ट और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग का पालन किए बिना जिले में बहुत सी जमीनों की खरीदी-बिक्री की गई है। इस खेल में भू-माफियाओं ने छोटे झाड़ और बड़े झाड़ मद की जमीनों को भी नहीं छोड़ा। इसी कड़ी में 27 अप्रैल को जिले के वर्तमान कलेक्टर अजीत वसंत ने ग्राम करलखा की एक विवादित भूमि पर अपना निर्णय सुनाया,जिसमें उनके द्वारा नारायणपुर के पटवारी हल्का नंबर-05,ग्राम पंचायत करलखा स्थित खसरा नंबर 30/2,रकबा 0.648 हे. (1.60 एकड़) भूमि पर फैसला सुनाते हुए पट्टा निरस्त कर उक्त भूमि को शासन के पक्ष में निहित करने का आदेश जारी किया। कलेक्टर द्वारा जारी इस आदेश के बाद जिले के भू-माफिया सकते में आ गए, क्योंकि इस आदेश के पारित होने के बाद उनके द्वारा खरीदी-बिक्री की गई अन्य जमीनों पर भी शासकीय भूमि में दर्ज होने का खतरा मंडराने लगा है।

क्या था पूरा मामला

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है,कि आवेदक की शिकायत पर एसडीएम ने प.ह.नं.- 05, ग्राम करलखा स्थित खसरा नंबर 30/2,रकबा 0.648 हे.(1.60एकड़) भूमि के संबंध में ज्ञापन न्यायालय कलेक्टर को प्रस्तुत किया,जिसमें आबंटित भूमि न्यायालय तहसीलदार नारायणपुर जिला- बस्तर (म.प्र.) के रा.प्र.क्र. 138/अ- 19(5)/83-84 में पारित आदेश दिनांक 1/6/1984 में ईश्वर सिंह, पिता विघ्नेश्वर को स्थायी पट्टा प्रदान किया गया था। उक्त भूमि को वर्ष 2012 में ईश्वर सिंह द्वारा शकुंतला नुरेटी,पिता मसिया राम नुरेटी को विक्रय किया गया। वन संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा (2) के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार या कोई भी अधिकारी वनभूमि को केंद्र सरकार की अनुमति के बिना किसी निजी व्यक्ति या प्राधिकरण को वन भूमि या इसका कोई हिस्सा हस्तांतरित नहीं कर सकता। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पुनः ए.चौगुले विरुद्ध गोवा फाउंडेशन मामले में भी उपरोक्त निर्णय को दोहराया है। इस कारण संलग्न दस्तावेज तहसीलदार नारायणपुर के ज्ञापन दिनांक 13/01/ 2023 अ.वि.अ(रा.) के प्रतिवेदन एवं माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ 2005 तहसीलदार नारायणपुर के रा.प्र.क्र.138/अ- 19(5)/1983-84 में पारित आदेश दिनांक 1/6/1984 को खारिज कर खसरा नं.- 30/2 रकबा 0.648 हे. की भूमि का पट्टा निरस्त कर भूमि को शासन के पक्ष में निहित किया गया है।

फैसले के बाद आदेश्वर स्कूल भी शासकीयकरण की जद में

इस फैसले के बाद शहर के वार्ड क्र.- 05 सिंगोडीतराई में स्थित मूल खसरा नंबर-114 की भूमि 114/2 में से विक्रय की गई भूमि 114/3 पर नवनिर्मित आदेश्वर स्कूल की जमीन शासकीयकरण के जद में आती नजर आ रही है। क्योंकि यह भूमि भी छोटे झाड़ जंगल मद में दर्ज थी और कमिश्नर बस्तर संभाग द्वारा जारी एक फैसले में खसरा नंबर 114 की भूमि छोटे झाड़ के जंगल मद में दर्ज होने का जिक्र है।

रोहित सिंह के कार्यकाल में खूब हुई अवैध प्लाटिंग

यूं तो नारायणपुर जिले में समय-समय पर भू-माफियाओं ने अवैध प्लाटिंग का खेल रचा है, लेकिन जिले में जब भी भू-माफिया और अवैध प्लाटिंग की बात होती है,तो वहां रोहित सिंह का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता,क्योंकि रोहित सिंह की तहसीलदारी जिले के भू -माफियाओं के लिए स्वर्णकाल मानी जाती है। उनके कार्यकाल के दौरान ही जिले में सबसे ज्यादा अवैध प्लाटिंग का खेल खेला गया। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो रोहित सिंह की इन कथित भू-माफियाओं से इतनी गहरी दोस्ती थी,कि कई जमीनों की खरीदी-बिक्री में वो इन भू- माफियाओं के पार्टनर भी रहे।

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