Politics

कांग्रेस के प्रवक्ता अमित भद्र ने छत्तीसगढ़ के बजट को दिशाहीन व निराशाजनक सहित जिले के लिए फिर से झुनझुना बताया है। उन्होने कहा है कि बजट से समाज के सभी वर्गों में घोर निराशा है। सिर्फ जुमला पत्र तैयार किया गया है, प्रदेश के साथ साथ नारायणपुर जिले को भी इस बार फिर से झुनझुना ही दिया, ट्रिपल इंजन वाली सरकार द्वारा इसमें मोदी की गारंटी को पूरा करने का कोई संकल्प नजर नहीं आता।

निराशाजनक बजट: नारायणपुर जिले को फिर से झुनझुना  अमित भद्र

जिला कांग्रेस के प्रवक्ता अमित भद्र ने छत्तीसगढ़ के बजट को दिशाहीन व निराशाजनक सहित जिले के लिए फिर से झुनझुना बताया है। उन्होने कहा है कि बजट से समाज के सभी वर्गों में घोर निराशा है। सिर्फ जुमला पत्र तैयार किया गया है, प्रदेश के साथ साथ नारायणपुर जिले को भी इस बार फिर से झुनझुना ही दिया, ट्रिपल इंजन वाली सरकार द्वारा इसमें मोदी की गारंटी को पूरा करने का कोई संकल्प नजर नहीं आता।
बजट केवल वित्त मंत्री की जुमलेबाजी तक सीमित हो गया है। मंत्री द्वारा पिछले साल बजट में ज्ञान (GYAN) की डींगे हांकी गई थी। एक साल बाद गरीब, युवा, किसान अन्नदाता व नारी का जिक्र करने की बजाय गति की बात कही जा रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी को बताना चाहिए की पिछले बजट की कौन सी बात कितनी लागू की गई है?

युवा नेता DCC प्रवक्ता अमित भद्र ने कहा है कि जब दिल्ली का चुनाव था तो भाजपाई केंद्र सरकार के बजट का बखान करते घूम रहे थे, केंद्र के बजट में जिस मिडिल क्लास को सब्जबाग दिखाया गया था, उसके सामने हकीकत अब आ रही है। मंहगाई का उल्लेख करने से भाजपा के लोग कतरा रहे हैं। आम जनता रोज जिस मंहगाई से पिस रही है उस पर मरहम रखने में राज्य का बजट नाकाम साबित हुआ है। गृहणियों को 500 रुपये का गैस सिलेंडर देने का वादा जुमला साबित हुआ है। छत्तीसगढ़ का बजट कर्मचारियों के लिए भी निराशाजनक साबित हुआ है। उनकी मांगों की अनदेखी की गई है।

देना था 500 में सिलेंडर , दे दिया मदिरा में छूट

नारायणपुर जिले के लिए कुछ भी नहीं, मंत्री केदार कश्यप को कोई सुध नहीं

अमित भद्र ने कहा है कि नारायणपुर जिले के लोगों ने बजट से जो उम्मीदें लगाई थीं उससे निराशा ही हाथ लगी है। सत्ता मिलने से पहले भाजपा जिस गांव, गरीब और किसान की बात करते थे, वे सब भाजपा को जान गए हैं कि यह जुमला फेंकने के अलावा कुछ नहीं करती है। पूर्व बजट में बस्तर नारायणपुर को लेकर मूलभूत सुविधाओं की घोषणाएं वित्त मंत्री जी को करनी थी स्थानीय विधायक मंत्री केदार कश्यप जी को भी इस विषय में सुध लेनी चाहिए थी, अपने जिले का अनेक कार्यों शुरु होने का इन्तजार कर रही हैं। बजट ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, बेरोजगारों, कर्मचारियों समेत समाज के सभी वर्गों को दुखी व निराश किया है। इसमें क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने की पहल भी नहीं की गई है। भाजपा जब से राज्य की सत्ता में आई है तब से केवल आश्वासन देना व कांग्रेस को कोसना ही उसका काम रह गया है। राज्य सरकार को बजट में मोदी की तमाम गारंटियों को पूरा करने पर जोर देना था जो नजर नहीं आता। सिर्फ जुमला पत्र तैयार कर उसे किसी उत्सव की तरह पढ़ा गया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *