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मैराथन की पहली रात्रि को दी गई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री केदार कश्यप सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा मलखम्ब के जाबाजो ने अपनी हुनर का बेहतर प्रदर्शन किया

मैराथन की पहली रात्रि को दी गई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति

कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री श्री केदार कश्यप सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा

मलखम्ब के जाबाजो ने अपनी हुनर का बेहतर प्रदर्शन किया

नारायणपुर 02 मार्च 2025  अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन 2025 के शुभारंभ अवसर पर संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा उपस्थित थे।

मैराथन के शुभारंभ कार्यक्रम में उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अबूझमाड़, जिसे कभी देश के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता था, अब बदलाव की राह पर है। यहां दशकों तक माओ विचारधारा का प्रभाव रहा, जिससे यह इलाका मुख्यधारा से कटता चला गया। अबूझमाड़िया जनजाति, जो यहां की मूल निवासी है, लंबे समय तक आधुनिक विकास और सरकारी योजनाओं से दूर रही। इस क्षेत्र में फैले नक्सलवाद और उसके खौफ ने यहां के बाशिंदों को अलग-थलग कर दिया था। लेकिन अब इस तस्वीर को बदलने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, और अबूझमाड़ पीस मैराथन उन्हीं प्रयासों में से एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, जो नारायणपुर से बासिंग तक आयोजित होती है, यह एक खेल आयोजन ही नहीं बल्कि शांति, विश्वास और एकता का संदेश है। यह दौड़ उन लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का जरिया बनी है, जो अब तक समाज की मुख्यधारा से कटे हुए थे। इस मैराथन में भारतीय सेना, देश के विभिन्न राज्यों के धावक, अंतरराष्ट्रीय एथलीट, यहां तक कि केन्या जैसे देशों के धावक भी भाग लेते हैं, जिससे इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिल रही है।

इसका उद्देश्य सिर्फ दौड़ पूरी करना ही नहीं, बल्कि उन इलाकों में यह एहसास जगाना है कि अब अबूझमाड़ सिर्फ संघर्ष और हिंसा की पहचान ही नहीं, बल्कि शांति, सौहार्द और विकास का प्रतीक भी बन रहा है। जब अबूझमाड़ के जंगलों में युवा दौड़ते हैं, तब यह संदेश जाता है कि अब यह इलाका भयमुक्त हो रहा है, अब यहां के लोग संभावनाओं और अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं। यह आयोजन न केवल यहां के युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ता है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने और अबूझमाड़ की सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया तक पहुंचाने का भी काम करता है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी इसे और अधिक बेहतर बनाती है। अबूझमाड़ पीस मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि यह एक नए युग की शुरुआत है, जहां शांति और विकास की रफ्तार तेजी से हो रही है और नक्सलवाद का खौफ धीरे धीरे कम हो रहा है।

मैराथन की पहली रात्रि को दी गई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में अबुझमाड़ मलखम्ब एकेडमी के जाबाजो द्वारा अपनी हुनर का बेहतर प्रदर्शन कर लोगों का मनमोह लिया। इसी प्रकार आईआईटी दिल्ली द्वारा ड्रोन का प्रदर्शन किया गया और पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा द्वारा अपनी प्रस्तुती देकर पूरे कार्यक्रम का समा बांधा।

कार्यक्रम में कार्यक्रम में पद्श्री हेमचंद मांझी, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, बृजमोहन देवांगन, गौतम एस गोलछा, संध्या पवार, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सचिकानंदन कंे, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया, अपर कलेक्टर बीरेनद्र बहादुर पंचभाई, अभिषेक गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर जय उरांव, एसडीएम गौतम पाटिल, अभयजीत मण्डावी, मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर डॉ. सुमित गर्ग, भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारीगण, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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