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सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय भुवनेश्वर के अधीन आईटीबीपी के कोंडागांव नियंत्रणाधीन सभी वाहिनियां अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं।

नक्सल उन्मूलन मिशन ‘कगार-2026’ में आईटीबीपी के बढ़ते कदम अबूझमाड़ में

नारायणपुर, 28 मार्च 2025 सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय भुवनेश्वर के अधीन आईटीबीपी के कोंडागांव नियंत्रणाधीन सभी वाहिनियां अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं। यह क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, जहां अब आईटीबीपी के नए कैंपों की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था में इजाफा हुआ है।

डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह अबूझमाड़ के दूरस्थ और खतरनाक इलाकों में आईटीबीपी द्वारा स्थापित किए जा रहे नए कैंपों के सभी ऑपरेशनों का नेतृत्व कर रहे हैं। वे जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।

इस कड़ी में, 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी, कोंडागांव द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र में हाल ही में बेडमाकोटी से लगभग 5 किमी आगे पदमकोट में नया कैंप स्थापित किया गया है। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां आईटीबीपी कैंप की स्थापना से स्थानीय जनता में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है और नक्सलियों के प्रभाव में गिरावट आ रही है।

डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह ने कहा, “पदमकोट कैंप में स्थानीय आबादी के लिए चिकित्सा सुविधा और अन्य जन कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ऑपरेशनों में उन्हें सेंट्रल फ्रंटियर मुख्यालय के आई.जी. श्री ओ.पी. यादव का निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहा है।

साथ ही, उन्होंने 41वीं वाहिनी के सेनानी श्री नरेंद्र सिंह और उनकी टीम को कम समय में नई सी.ओ.बी. पदमकोट खोलने के लिए शाबाशी दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने श्री सुन्दरराज पी., पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, श्री अमित कामले, डी.आई.जी., काकेर रेंज, और श्री प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, तथा डी.आर.जी. और छत्तीसगढ़ पुलिस टीम के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर श्री अमित भाटी, सेनानी 53वीं वाहिनी और श्री राजीव गुप्ता, सेनानी 45वीं वाहिनी भी मौजूद थे।

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